ग़ुलाम भारत
भारत कल भी गुलाम था और आज भी ग़ुलाम हैं , फरक सिर्फ इतना हैं की पहले अंग्रेजों का था आज चीन का है। मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत ज़ियदातर चीन पर ही निर्भर हो गया है।आज भारत तो सिर्फ मार्केटिंग करने वाले ही पैदा कर रहा है.
यह बात सोचने वाली है के अगर भारत इसी तरह करता रहा तोह भारत भी चीन की वस्तुओं की तरह कमज़ोर हो जाएगा और ज़ियादा देर तक भरतवसिओं को दूसरे देशों में रोज़गार ढूंढने के लिए रोक नहीं पायेगा।
जय हिन्द !
भारत कल भी गुलाम था और आज भी ग़ुलाम हैं , फरक सिर्फ इतना हैं की पहले अंग्रेजों का था आज चीन का है। मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत ज़ियदातर चीन पर ही निर्भर हो गया है।आज भारत तो सिर्फ मार्केटिंग करने वाले ही पैदा कर रहा है.
यह बात सोचने वाली है के अगर भारत इसी तरह करता रहा तोह भारत भी चीन की वस्तुओं की तरह कमज़ोर हो जाएगा और ज़ियादा देर तक भरतवसिओं को दूसरे देशों में रोज़गार ढूंढने के लिए रोक नहीं पायेगा।
जय हिन्द !
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